प्राइवेट कर्मचारी भी करेंगे जनगणना:केंद्र सरकार का फैसला, बोर्ड परीक्षा के बीच शुरू होगी जनगणना, शिक्षक बन सकेंगे एन्यूमरेटर
प्रदेश में फरवरी 2027 से शुरू होने वाली जनगणना में अब सरकारी कर्मचारी-अधिकारी के अलावा गैर सरकारी यानी प्राइवेट कर्मचारियों को भी जनगणना में लगाया जा सकेगा। इसके लिए जनगणना निदेशालय द्वारा नाम तय करने के बाद कोई भी गैर सरकारी कर्मचारी भी जनगणना से मना नहीं कर सकेगा।
केंद्र सरकार ने इसके लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। उधर माध्यमिक शिक्षा मंडल की फरवरी में होने वाली परीक्षाओं के मद्देनजर शिक्षकों की जनगणना में ड्यूटी के चलते अतिथि शिक्षकों को भी इस काम में लगाने के लिए कलेक्टरों को पत्र लिखा गया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी निर्देश में कहा गया है कि शिक्षकों, सरकारी कर्मचारियों और अन्य उपयुक्त व्यक्तियों को जनगणना गणनाकार (Enumerator) नियुक्त किया जा सकेगा। भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय की ओर से आज जारी अधिसूचना के अनुसार जनगणना नियम 1990 के नियम के तहत गणनाकारों की नियुक्ति से संबंधित प्रावधानों में बदलाव किया गया है। यह संशोधन जनगणना (संशोधन) नियम, 2026 के नाम से जाना जाएगा और राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रभावी होगा।
इन लोगों को बनाया जा सकेगा जनगणना गणनाकार
संशोधित नियमों के अनुसार इन कैटेगरी के व्यक्तियों को जनगणना गणनाकार के रूप में नियुक्त किया जा सकेगा।
- शिक्षक: केंद्र और राज्य सरकार, स्थानीय प्राधिकरण, सहायता प्राप्त या गैर-सहायता प्राप्त निजी संस्थानों, सोसायटी या ट्रस्ट के अंतर्गत आने वाले शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षक।
- सरकारी कर्मचारी एवं अधिकारी: केंद्र सरकार, राज्य सरकार, स्थानीय प्राधिकरण या विभिन्न प्रतिष्ठानों में कार्यरत लिपिक और अन्य अधिकारी। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, वैधानिक निकाय, बैंक, कंपनियां, संस्थान, सोसायटी और ट्रस्ट भी शामिल हैं।
- अन्य उपयुक्त व्यक्ति: राज्य सरकार या केंद्रशासित प्रदेश का प्रशासन जिस व्यक्ति को जनगणना गणनाकार के कार्य के लिए उपयुक्त समझे, उसे भी इस जिम्मेदारी के लिए नियुक्त किया जा सकेगा।
जनगणना कार्य में मिलेगी व्यापक भागीदारी
नियमों में संशोधन का उद्देश्य जनगणना कार्य के लिए गणनाकारों की नियुक्ति के दायरे को स्पष्ट करना और विभिन्न संस्थानों में कार्यरत लोगों के साथ-साथ अन्य उपयुक्त व्यक्तियों को भी इस प्रक्रिया में शामिल करने का प्रावधान करना है। गौरतलब है कि जनगणना नियम, 1990 में इससे पहले भी समय-समय पर संशोधन किए जा चुके हैं। अधिसूचना में 1994, 2009, 2018 और 2022 के पूर्ववर्ती संशोधनों का भी उल्लेख किया गया है।
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने कलेक्टरों को लिखी चिट्ठी
उधर माध्यमिक शिक्षा मंडल भी वर्ष 2027 की हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षाओं की तैयारियों के बीच शिक्षकों की जनगणना ड्यूटी को लेकर निर्देश जारी कर चुका है। मंडल ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए।
मंडल सचिव बुद्धेश कुमार वैद्य ने 9 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी कर कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा है कि मंडल द्वारा जारी परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार, वर्ष 2027 की हाईस्कूल मुख्य परीक्षा 24 फरवरी से 18 मार्च 2027 तक आयोजित की जाएगी। वहीं, हायर सेकेंडरी परीक्षा 17 फरवरी से 19 मार्च 2027 तक आयोजित होना निर्धारित है। ऐसे में परीक्षा की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
जनगणना प्रशिक्षण और फील्ड वर्क का कार्यक्रम तय
जनगणना 2027 के दूसरे चरण के लिए प्रस्तावित समय-सारणी के अंतर्गत फील्ड ट्रेनर्स का प्रशिक्षण दिसंबर 2026 में, जबकि प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण जनवरी 2027 में आयोजित किया जाना है। इसके बाद फरवरी से फील्ड कार्य किया जाना प्रस्तावित है।
दो लाख से अधिक शिक्षकों के कार्यरत होने का उल्लेख
मंडल के पत्र में बताया गया है कि प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित शासकीय विद्यालयों में लगभग 2,05,000 शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें से करीब 94,660 शिक्षक प्रथम चरण की जनगणना संबंधी ड्यूटी में लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त जनजातीय कार्य विभाग के विद्यालयों में भी लगभग 80,000 शिक्षक कार्यरत हैं।
अतिथि शिक्षकों की भी लग सकती है जनगणना ड्यूटी
मंडल के पत्र में कहा गया है कि स्कूल शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग में नियमित शिक्षकों के अतिरिक्त लगभग 70,000 अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं, जिनकी जनगणना कार्य में सामान्यतः ड्यूटी नहीं लगाई जाती। मंडल परीक्षा समिति के निर्णय के अनुसार, वर्ष 2027 की बोर्ड परीक्षाओं में पर्यवेक्षक एवं परीक्षा संबंधी कार्यों के लिए अतिथि शिक्षकों की सेवाएं भी ली जा सकती हैं। पत्र में लगभग 2,50,000 शिक्षकों के परीक्षा एवं पर्यवेक्षण कार्य के लिए उपलब्ध होने का उल्लेख किया गया है।
बोर्ड परीक्षा कार्य प्रभावित नहीं करने के निर्देश
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने संबंधित अधिकारियों से कहा है कि जनगणना कार्य में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाते समय बोर्ड परीक्षाओं की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए। परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि परीक्षाओं के संचालन और पर्यवेक्षण व्यवस्था में किसी प्रकार की परेशानी न हो। यह आदेश समस्त जिला कलेक्टरों, जिला शिक्षा अधिकारियों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को भेजा गया है, ताकि जनगणना और बोर्ड परीक्षा की व्यवस्थाओं के बीच समुचित समन्वय स्थापित किया जा सके।